बुधवार, 10 नवंबर 2010

मेरे दिल में आज क्या है

मेरे दिल में आज क्या है
तू कहे तो मैं बता दूँ
तेरी ज़ुल्फ़ फिर सवारूँ
तेरी माँग फिर सजा दूँ
मेरे दिल में ...

मुझे देवता बनाकर, तेरी चाहतों ने पूजा - (२)
मेरा प्यार कह रहा है,
मैं तुझे खुदा बना दूँ
तेरी ज़ुल्फ़ फिर ...

कोई ढूँढ्ने भी आए, तो हमें ना ढूँढ़ पाए - (२)
तू मुझे कहीं छुपा दे,
मैं तुझे कहीं छुपा दूँ
तेरी ज़ुल्फ़ फिर ...

मेरे बाज़ुओं मे आकर, तेरा दर्द चैन पाए - (२)
तेरे गेसुओं मे छुपकर,
मैं जहाँ के ग़म भुला दूँ
तेरी ज़ुल्फ़ फिर ...

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