नई दिल्ली. हैदरबाद की मक्का मस्जिद में तीन साल पहले हुए बम धमाकों के सिलसिले में सीबीआई ने आज आरएसएस प्रचारक इंद्रेश कुमार से पूछताछ की। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सेंट्रल वर्किंग कमेटी के सदस्य इंद्रेश ने जांच एजेंसी द्वारा की गई पूछताछ को कांग्रेस की ‘साजिश’ करार दिया। उन्होंने इस मामले में शामिल होने से भी इनकार किया है।
सीबीआई से पूछताछ के बाद इंद्रेश ने पत्रकारों से कहा, ‘एक राजनीतिक षड्यंत्र के तहत मेरे ऊपर तरह-तरह के आरोप लगाए गए हैं। मेरे जन्म और आरएसएस से जुड़ाव से लेकर अब तक मेरा जीवन पूरी तरह पारदर्शी रहा है। मैंने अपना जीवन राष्ट्र को समर्पित कर दिया है।’ उन्होंने कहा, ‘पिछले कई वर्षों से कांग्रेस पार्टी और इसके कुछ नेता आरएसएस और मेरी छवि खराब करने की साजिश रच रहे हैं जिसका भंडाफोड़ विकीलीक्स के जरिये भी हो गया है।’
18 मई 2007 को मक्का मस्जिद के भीतर जुमे की नमाज के दौरान हुए बम धमाकों में 9 लोगों की मौत हो गई थी और 70 घायल हुए थे। इस मामले की जांच में जुटी सीबीआई ने पूछताछ के लिए सीआरपीसी की धारा 160 के तहत इंद्रेश को नोटिस भेजा था। इंद्रेश ने कहा, ‘हिंदुओं और भगवा संगठनों को आतंकवादी बताकर इनकी जांच करना पूरी तरह गलत है और हिंदू समुदाय के लिए अपमान है।’
सीबीआई ने इस मामले में हैदराबाद की अदालत में 18 दिसम्बर को देवेंद्र गुप्ता और लोकेश शर्मा के खिलाफ हत्या और अन्य मामलों में चार्जशीट दायर की। ये दोनों अजमेर दरगाह में हुए बम धमाकों में इंद्रेश के साथ आरोपी हैं।
मक्का मस्जिद धमाका मामले के मुख्य अभियुक्त संदीप डांगे और रामचंद्र कलसांग्रा उर्फ रामजी अभी फरार हैं जबकि अन्य अभियुक्त स्वामी असीमानंद से सीबीआई पूछताछ कर रही है। असीमानंद पर समझौता एक्सप्रेस में हुए धमाके का भी आरोप है।
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