रविवार, 4 दिसंबर 2011

वही इन्केलाब में काम आयेगा !

 खामोश होके लड़ना बड़ा मुश्किल होता है !और हार भी तै है फिर चाहे आपके तरकश में जितने भी तीर हो ,जब आप उसे चलाये हे नहीं !पर मेरे पास तो लफ्जों के तीर भी कम हैं !बड़ी मुश्किल से एक दो लोगो से कुछ कह्पने की हिम्मत कभी कभी की तो ऐसी मुह की खाई की बस पुचो मत !

लेकिन सुनये तो जनाब मै तो ये कह रहा हूँ की अगर आप के पास ये फन नाहे तो इसका मतलब ये नहीं है की आप इन्केलाब नहीं लासकते ! उठए देखिये कोई तो एक ऐसा फन है आपमें जो सबसे अलग भगवन ने आपको दिया है वही इन्केलाब में काम आयेगा !

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